

प्रथम दृष्टया दोषी मिलने पर डीएम चर्चित गौड़ ने किया निलंबित, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपी गई जांच
सोनभद्र । शासकीय कार्यों में पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। एक व्यक्ति से पैसा लिए जाने का वीडियो सामने आने के बाद तहसील ओबरा में तैनात सर्वे कानूनगो (प्रभारी पेशकार), कार्यालय सहायक अभिलेख अधिकारी सूबेदार सिंह को जिलाधिकारी एवं अभिलेख अधिकारी चर्चित गौड़ ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। मामले की विस्तृत जांच अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को सौंपी गई है। बताया गया कि सर्वे कानूनगो सूबेदार सिंह का एक व्यक्ति से पैसा लेने संबंधी वीडियो सामने आया और देखते ही देखते वायरल हो गया। प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी/अभिलेख अधिकारी ने मामले का संज्ञान लिया। प्रारंभिक स्तर पर प्रकरण की जांच में प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर उन्होंने तत्काल निलंबन की कार्रवाई की।
निलंबन अवधि में सूबेदार सिंह को तहसील घोरावल से संबद्ध किया गया है। उन्हें संबद्ध कार्यालय में उपस्थित रहकर अपने दायित्वों का निर्वहन करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना अनुपस्थित नहीं रहने के भी निर्देश दिए गए हैं।
मामले की तह तक पहुंचने के लिए अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) को जांच अधिकारी नामित किया गया है। जांच अधिकारी नियमानुसार प्रकरण की विस्तृत जांच कर अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेंगे। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
जिलाधिकारी चर्चित गौड़ ने स्पष्ट किया कि शासकीय कार्यों में पारदर्शिता, जवाबदेही और अनुशासन से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि सरकारी कार्यों में अनियमितता पाए जाने पर संबंधित अधिकारी-कर्मचारी के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
